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मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का ब्लूप्रिंट सामने आने की चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के बदले ईरान को लगभग 25 अरब ड...
आजादी के 75 वर्षों बाद भी भारत में दलितों के खिलाफ अत्याचार और भेदभाव का मुद्दा पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। संविधान द्वारा समान अधिकार, आरक्षण और कानूनी सुरक्षा प्रदान किए जाने के बावजूद सामाजिक असमानता और जातिगत मानसिकता कई ...
भारत का मध्यमवर्ग आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई, सीमित आय, बढ़ते घरेलू खर्च, महंगी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की ऊंची लागत और EMI के बढ़ते बोझ ने आम परिवारों की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया है।...
क्या भारत में जवाबदेही केवल आम जनता के लिए है और सत्ता के लिए नहीं? नोटबंदी की कतारों से लेकर पुलवामा की शहादत, किसान आंदोलन की मौतों से लेकर गिरते रुपये, लगातार रेल हादसों और पेपर लीक कांडों तक—हर संकट के बाद देश ने सवाल पूछे, ले...
भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश बनने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन क्या उसके युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर हैं? पिछले 10 वर्षों में बेरोज़गारी दर, नोटबंदी, कोरोना महामारी और धीमे रोजगार सृजन ने लाखों युवाओं के भविष्य पर ...
देश की राजनीति एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ी है। चुनाव नजदीक आते ही विकास, रोजगार और महंगाई के वादों की बौछार शुरू हो गई है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या जनता के असली मुद्दों का समाधान भी उतनी ही तेजी से हो रहा है? करोड़ों युवा रोजग...






