“देश में अराजकता तब बढ़ती है, जब मुद्दे समाधान के लिए नहीं, समाज को बाँटने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।” भारत की विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन जब धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, इतिहास और राजनीति...
आजादी के 75 वर्षों बाद भी भारत में दलितों के खिलाफ अत्याचार और भेदभाव का मुद्दा पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। संविधान द्वारा समान अधिकार, आरक्षण और कानूनी सुरक्षा प्रदान किए जाने के बावजूद सामाजिक ...







