एक ही दिन में केंद्र सरकार के 6 अहम मंत्रियों से लगातार बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल संसाधन, वित्तीय सहायता और न्यायिक सुधारों के लिए केंद्र का सहयोग हासिल करना था। नायडू ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्य के लिए अतिरिक्त फंड और विशेष आर्थिक सहायता की मांग की, वहीं गृह मंत्री अमित शाह के साथ निवेश, प्रशासन और राजनीतिक हालात पर चर्चा की। जल शक्ति मंत्री से सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को लेकर सहयोग मांगा गया। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से राष्ट्रीय राजमार्ग, पुल और कनेक्टिविटी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स पर बात हुई। इसके अलावा कानून मंत्री से हाईकोर्ट बेंच की मांग और अन्य मंत्रियों से औद्योगिक व क्षेत्रीय विकास को लेकर चर्चा की गई।
इन सभी बैठकों की जानकारी चंद्रबाबू नायडू ने X (Twitter) पर तस्वीरों के साथ साझा की, जिससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ तालमेल बनाकर तेज़ विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। यह दौरा आंध्र प्रदेश की भविष्य की विकास नीति के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🧠 कुल मिलाकर क्या–क्या माँगा गया?
- ✔️ केंद्रीय सहायता/बड़े पैकेज — विकास और परियोजनाओं के लिये
- ✔️ विशेष आर्थिक समर्थन — राज्य के वित्तीय दबाव को कम करने के लिये
- ✔️ इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़कों, पुलों, जल-परियोजनाओं) के लिये केंद्र का समर्थन
- ✔️ न्यायिक पहुँच सुधार — हाईकोर्ट बेंच की स्थापना
- ✔️ पानी/सिंचाई योजनाएं और कृषि समर्थन
- ✔️ निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स

🟢 चंद्रबाबू नायडू का दिल्ली दौरा: केंद्र से तालमेल की नई राजनीति
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का हालिया दिल्ली दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। एक ही दिन में उन्होंने केंद्र सरकार के 6 प्रमुख मंत्रियों से लगातार बैठकें कीं और हर बैठक में आंध्र प्रदेश से जुड़े अलग-अलग विकासात्मक मुद्दों को मजबूती से रखा। नायडू की यह सक्रियता यह दिखाती है कि वे केंद्र के साथ टकराव की बजाय समन्वय और सहयोग की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं। खास बात यह रही कि इन सभी बैठकों की जानकारी उन्होंने X (Twitter) पर तस्वीरों के साथ साझा की, जिससे यह संदेश गया कि आंध्र प्रदेश सरकार विकास के लिए पूरी तरह तैयार है।
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💰 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात: आर्थिक संबल की मांग
चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर आंध्र प्रदेश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता, विशेष पैकेज और लंबित फंड रिलीज़ की मांग की। नायडू ने साफ कहा कि आंध्र प्रदेश को बंटवारे के बाद कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और अब बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर व सामाजिक परियोजनाओं के लिए केंद्र का सहयोग बेहद जरूरी है।
उन्होंने सिंचाई, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय असमानता को दूर करने के लिए विशेष बजट सहयोग की आवश्यकता बताई। यह बैठक इस बात का संकेत थी कि नायडू आर्थिक मोर्चे पर राज्य को मज़बूत करने के लिए केंद्र से सीधे संवाद की रणनीति अपना रहे हैं।
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🛡️ गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक: प्रशासन और निवेश पर चर्चा
गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिरता और निवेश माहौल पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा राज्य में चल रही प्रमुख परियोजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय और राजनीतिक स्थिरता जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक इस बात का संकेत है कि नायडू केंद्र के साथ भरोसे का रिश्ता बनाकर आंध्र प्रदेश को निवेश हब के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
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💧 जल शक्ति मंत्री से बातचीत: पानी और सिंचाई की बड़ी योजनाएं
जल संसाधन आंध्र प्रदेश की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात कर सिंचाई, पेयजल और जल संरक्षण परियोजनाओं पर विशेष चर्चा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत अधिक सहायता और बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने की मांग रखी।
नायडू ने कहा कि अगर राज्य में जल प्रबंधन मजबूत होता है तो कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार तीनों को सीधा लाभ मिलेगा। यह बैठक दर्शाती है कि नायडू की प्राथमिकता केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि ग्रामीण और किसान-केंद्रित विकास मॉडल भी है।
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🛣️ नितिन गडकरी से मुलाकात: सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में आंध्र प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खास ध्यान दिया गया। नायडू ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और बड़े पुलों की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से उद्योग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।
विशेष रूप से नदी पर बनने वाले पुलों और बंदरगाह कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। यह बैठक बताती है कि नायडू आंध्र प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करना चाहते हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिले।
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⚖️ कानून मंत्री और अन्य बैठकों का संदेश: विकास के लिए आक्रामक रणनीति
केंद्रीय कानून मंत्री से हुई मुलाकात में नायडू ने न्यायिक सुधार और हाईकोर्ट बेंच जैसे मुद्दों को उठाया, जिससे आम जनता को न्याय तक आसान पहुंच मिल सके। इसके अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठकों में औद्योगिक विकास, क्षेत्रीय संतुलन और केंद्र-राज्य सहयोग जैसे विषय शामिल रहे।
इन सभी बैठकों का सार यही है कि चंद्रबाबू नायडू केंद्र के साथ टकराव नहीं, बल्कि सहयोग की राजनीति के जरिए आंध्र प्रदेश को विकास की नई राह पर ले जाना चाहते हैं। X पर लगातार पोस्ट कर उन्होंने यह भी दिखाया कि उनकी राजनीति पारदर्शिता और संवाद पर आधारित है।
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🔍 निष्कर्ष
चंद्रबाबू नायडू का यह दिल्ली दौरा साफ दिखाता है कि आने वाले समय में आंध्र प्रदेश विकास, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नई छलांग लगाने की तैयारी में है। केंद्र से 6 मंत्रियों की मुलाकात इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार अब एक्शन मोड में है।
Writer – Sita Sahay











